लखनऊ में सर्वजन सनातन पार्टी का बड़ा ऐलान,यूपी की सभी 403 सीटों पर : चुनाव लड़ने की तैयारी
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Tue, Oct 13, 2026
लखनऊ में सर्वजन सनातन पार्टी का बड़ा ऐलान, यूपी की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी-
पूर्व सीबीआई निदेशक एम. नागेश्वर राव बतौर पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष- पेश किया राजनीतिक एजेंडा, गोवंश संरक्षण से लेकर मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पर रखे प्रस्ताव.
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में सर्वजन सनातन पार्टी (SSP) ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की। पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सीबीआई के पूर्व निदेशक एम. नागेश्वर राव ने कहा कि पार्टी प्रदेश की जनता के सामने एक स्वतंत्र राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करना चाहती है जो सनातनियों के लिए सभ्यतागत संकल्प के साथ दृढ़ता होगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने सनातन सभ्यतागत मूल्यों, संवैधानिक लोकतंत्र, सामाजिक समरसता और जवाबदेह शासन को अपनी राजनीतिक विचारधारा का आधार बताया। पार्टी का दावा है कि उसका उद्देश्य केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को आधुनिक विकास और जनकल्याण से जोड़ना है।
हिंदू मतों पर किसी दल का एकाधिकार नहीं : नागेश्वर राव
एम. नागेश्वर राव ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का हिंदू मतों पर एकाधिकार नहीं हो सकता। सनातन परंपरा में आस्था रखने वाले नागरिकों को अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार है।
उन्होंने भाजपा पर हिंदुत्व और जातिगत राजनीति को लेकर सवाल उठाए। ये आरोप पार्टी की ओर से रखे गए राजनीतिक विचारों का हिस्सा हैं।
गोवंश संरक्षण को बनाया प्रमुख मुद्दा
सर्वजन सनातन पार्टी ने गोवंश संरक्षण को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया। पार्टी ने गोवंश संरक्षण के प्रति सरकारों की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए बूचड़खानों तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की। उन्होंने इस संबन्ध में तथ्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि देश के 80 निर्यातक बूचड़खानों में से 42 बूचड़खाने अकेले यूपी में हैं। उन्होंने सख्त अंदाज में कहा कि यह आरएसएस व भाजपा की दोहरी नीति हिंदुओं को कैसे छल सकती है। उन्हीने कहा कि एक तरफ सनातनियों को धर्म के नाम पर रिझाने का नाटक और दूसरी तरफ गो माता की हत्या का लाइसेंस बांटकर गो मांस का निर्यात?
पार्टी ने गोमाता को राज्य माता का दर्जा देने और गोवंश के संरक्षण एवं विकास के लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार करने की मांग भी रखी।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्रबंधन में धर्माचार्यों की भूमिका की मांग
पार्टी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन में हिंदू धर्माचार्यों, साधु-संतों और अखाड़ों की भूमिका सुनिश्चित करने की मांग की। इस मुद्दे को भी उसने अपने घोषित धार्मिक एवं सांस्कृतिक एजेंडे में शामिल किया।
मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रस्ताव-
शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में पार्टी ने साफ किया कि शिक्षा में गुणवत्ता व समन्वयता होनी चाहिए। कक्षा एक से स्नातकोत्तर स्तर तक निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही कौशल विकास को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की बात कही गई।
स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में पार्टी ने प्रत्येक नागरिक को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराने तथा आयुर्वेद सहित भारतीय चिकित्सा परंपराओं को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
युवाओं के रोजगार और किसानों की आय पर जोर-
युवाओं के पलायन को रोकने के उद्देश्य से पार्टी ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने और कक्षा 10 के बाद व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने यूपी से हो रहे पलायन पर भी अफसोस जताया और किसानों को लेकर बड़ी बात कही।
किसानों के लिए पार्टी ने खेती की भूमि के आधार पर न्यूनतम आय का मानक तय करने तथा निर्धारित मानक से कम आय होने की स्थिति में आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा। किसानों, कृषि श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए जीवन बीमा एवं दिव्यांगता बीमा की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
आरक्षण नीति और सामाजिक समरसता पर भी रखे विचार-
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने आरक्षण नीतियों की व्यापक समीक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने की बात कही गई । साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को निरस्त करने तथा संबंधित यूजीसी विनियमों को समाप्त करने की मांग भी रखी।
इन प्रस्तावों के कानूनी, सामाजिक और संवैधानिक प्रभावों पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि जातिगत भेदभाव समाप्त होने चाहिए सबको समान अधिकार व समान सम्मान की बात होनी चाहिए। वर्ण व्यवस्था व जातिगत व्यवस्था दोनों में फर्क है।
हालांकि,एम नागेश्वर राव की राजनीतिक एंट्री ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तो पैदा कर दिया है। कहीं न कहीं इस नई पार्टी में रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी व समाज के चुनिंदे लोग भी संगठन में जुड़ने लगे हैं।
बता दें कि, जो लोग सनातनी विचारधारा की शुचिता में विश्वास रखते हैं उन्हें नागेश्वर राव पार्टी में जोड़ने का कार्य कर रहे हैं,उन्होंने अपना रुख इस बारे में स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी में संगठनात्मक बदलाव व जुड़ाव संभव है। जो लोग विशुद्ध रूप से धार्मिक व राष्ट्रीय अखंडता की सोच रखते हैं उन्हें सर्वजन सनातन पार्टी में जुड़ना चाहिए ताकि उनकी विचारधारा कहीं न कहीं देश व सनातन को बल दे पाए।
2027 के चुनाव में नई राजनीतिक चुनौती?
सर्वजन सनातन पार्टी की ओर से सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा ने उसके संगठनात्मक विस्तार और चुनावी तैयारियों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
हालांकि, प्रदेशव्यापी चुनाव लड़ने की घोषणा को वास्तविक चुनावी तैयारी में बदलने के लिए पार्टी के सामने मजबूत संगठन खड़ा करने, स्थानीय नेतृत्व विकसित करने, उम्मीदवारों का चयन करने और अपने नीतिगत प्रस्तावों को जनता तक पहुंचाने जैसी चुनौतियां होंगी।
यह भी देखना होगा कि पार्टी अपने घोषित एजेंडे को किस प्रकार व्यावहारिक कार्यक्रमों और वित्तीय योजनाओं में बदलती है।
निष्कर्षतः, सर्वजन सनातन पार्टी ने सनातन मूल्यों, गोवंश संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और किसान कल्याण को केंद्र में रखकर अपना राजनीतिक दृष्टिकोण सामने रखा है। अब उसकी आगामी राजनीतिक गतिविधियों, संगठनात्मक तैयारियों और जनता के बीच पहुंच से तय होगा कि वह अपने घोषित विकल्प को किस रूप में आगे बढ़ाती है।
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