ब्रेकिंग

जगद्गुरु शंकराचार्य

मामला जमीन विवाद का

मिर्जापुर में चर्चा तेज

महत्व

मामला पहुंचा PMO

सूचना

शारदीय नवरात्रि के पंचम दिवस की पूजा का : महत्व

Editor

Thu, Oct 15, 2026

शारदीय नवरात्रि की पंचमी का विशेष महत्व-

मां स्कंदमाता की आराधना से मिलता है ममता, शक्ति और ज्ञान का संदेश

शारदीय नवरात्रि का पाँचवाँ दिन मां दुर्गा के पाँचवें स्वरूप मां स्कंदमाता को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने से सुख-शांति, बुद्धि, विवेक और संतान के कल्याण का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मां का स्वरूप ममता, करुणा और शक्ति का प्रतीक है।

कौन हैं मां स्कंदमाता-

मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं। भगवान कार्तिकेय का एक नाम स्कंद भी है, इसलिए उन्हें स्कंदमाता कहा जाता है।

मां का स्वरूप अत्यंत दिव्य और करुणामयी माना जाता है। वे कमल पर विराजमान दिखाई देती हैं और उनकी गोद में बालरूप भगवान कार्तिकेय विराजते हैं। उनकी चार भुजाएं हैं।

मां स्कंदमाता का संदेश है कि मातृत्व केवल स्नेह नहीं, बल्कि शक्ति, संरक्षण और संस्कार का भी प्रतीक है।

नवरात्रि के पंचमी की पूजा का क्या है महत्व?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचमी के दिन मां स्कंदमाता की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है।

ज्ञान और बुद्धि: विवेक एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए मां की आराधना की जाती है।

संतान का कल्याण: माता-पिता अपनी संतान की सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।पारिवारिक सुख-शांति: परिवार में प्रेम, सद्भाव और मंगल की प्रार्थना की जाती है।आध्यात्मिक उन्नति: भक्त मन की शांति और आत्मिक शक्ति के लिए देवी का ध्यान करते हैं।

कैसे करें मां स्कंदमाता की पूजा?

प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप का ध्यान करें।पुष्प, अक्षत, धूप और दीप अर्पित करें।मां को केले अथवा दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।मां के मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें और आरती करें।

मंत्र:- ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥

पूजा में आडंबर से अधिक श्रद्धा, पवित्रता और सद्भाव को महत्त्व दें।

पंचमी की पूजा से क्या सीख मिलती है?

नवरात्रि की पंचमी हमें याद दिलाती है कि शक्ति और ममता एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। मां स्कंदमाता का स्वरूप बताता है कि सच्ची शक्ति वही है, जो संरक्षण करे, संस्कार दे और जीवन को सही दिशा प्रदान करे।

मां स्कंदमाता की आराधना का सार यही है—जीवन में ज्ञान हो, विचारों में पवित्रता हो, परिवार में प्रेम हो और प्रत्येक कर्म में लोककल्याण की भावना हो।

जय मां स्कंदमाता! जय माता दी!

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें