प्रदर्शन स्थल से हटाया गया जंतर-मंतर, घुसने की कोशिश में CJP नेता : हिरासत में,आया नया मोड़
Editor
Tue, Oct 13, 2026
जंतर-मंतर दिल्ली प्रोटेस्ट में आया बड़ा मोड़!
दिल्ली- 13 अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अब लड़ाई सिर्फ SIR के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रदर्शन स्थल और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को लेकर भी तेज हो गई है।
दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन में आज तीन बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं।
1. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति खत्म, तीन नए स्थल तय-
दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने की घोषणा की। भविष्य के प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD मैदान जैसे वैकल्पिक स्थल तय किए गए हैं। इससे विरोध प्रदर्शनों के आयोजन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
2. जंतर-मंतर में प्रवेश की कोशिश, CJP नेताओं को हिरासत में लिया गया
13 अक्टूबर की सुबह कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे सहित कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। ये नेता जंतर-मंतर में प्रवेश करके वहां प्रदर्शन जारी रखना चाहते थे।
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए और आंदोलन जारी रखने की बात कही। पार्टी का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर है।
3. विपक्ष का मार्च और सुप्रीम कोर्ट का रुख
12 अक्टूबर को विपक्ष ने चुनावी अनियमितताओं और SIR के मुद्दे पर दिल्ली में मार्च निकाला। 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदर्शनों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के लिए उन्हें सूचीबद्ध करने का आश्वासन दिया।
इस बीच, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती बढ़ाए रखने की खबरें भी सामने आई हैं।
इससे आंदोलन में शामिल युवाओं व अन्य विपक्षी दलों की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही है। हालांकि,आंदोलन तेज करने की भी चर्चा सुनाई दे रही है। राहुल गान्धी और आक्रामक मूड में दिख रहे हैं। लेकिन धरना स्थल बदलने से आंदोलनकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जिसमें ट्रांसपोर्ट और खाने पीने की सामग्री भी आसानी से मिलना नही हो सकेगा। ऐसे में क्या नया मोड़ आता है। सुप्रीम कोर्ट में इस विषय को लेकर याचिका भी दायर की गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल: आंदोलन की अगली दिशा क्या होगी?
इस घटनाक्रम में तीन सवाल महत्वपूर्ण हैं:
क्या जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने का फैसला न्यायिक समीक्षा के दायरे में आएगा?
क्या आंदोलनकारी नए निर्धारित स्थलों पर प्रदर्शन करेंगे या जंतर-मंतर पर वापसी की कोशिश जारी रखेंगे?
क्या SIR और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा व्यापक विपक्षी आंदोलन का रूप लेगा?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों की राजनीतिक और न्यायिक कार्रवाई से स्पष्ट होंगे।
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