Breaking- पहले किया गया संगम तट पर अपमान और अब सोशल मीडिया की आवाज पर : अटैक:लाखों फॉलोवर्स रोष में
Editor
Tue, Sep 22, 2026
गौ माता राष्ट्र माता की आवाज को दबाया नही जा सकता,पेज बन्द कर देना सनातनियों के साथ न्याय नही..
सोशल मीडिया में बढ़ने लगी थी फॉलोवर्स की संख्या, प्रतिबंधित किये जाने पर मचा बवाल!
चाहे जो कर लो… लेकिन गौ माता के सम्मान की आवाज बंद नहीं कर सकते !
1008.Guru के फेसबुक पेज के बंद होने पर समर्थकों में नाराजगी, सोशल मीडिया पर उठे सवाल?
वाराणसी । ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज से जुड़े 1008.Guru के फेसबुक पेज के बंद होने की सूचना के बाद उनके समर्थकों और गौ-संरक्षण अभियान से जुड़े लोगों में नाराजगी दिखाई दे रही है।
समर्थकों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेज की उपलब्धता समाप्त होने से गौ माता के सम्मान और गौहत्या के विरोध से जुड़े संदेशों के प्रसार पर असर पड़ सकता है। हालांकि,फेसबुक की ओर से पेज बंद किए जाने का कारण या किसी कार्रवाई की आधिकारिक सार्वजनिक पुष्टि नही की गई है। इसलिए इसके पीछे किसी व्यक्ति,संस्था या अभियान को जिम्मेदार ठहराने की पुष्टि खबर टाइम्स नही करता। लेकिन समर्थकों की मानें तो इस पेज को प्रतिबंध कराने के पीछे भाजपा का हाथ होना बताया जा रहा है।
‘पेज बंद हो सकता है, आवाज नहीं’ -
समर्थकों की ओर से सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा जा रहा है— “चाहे जो कर लो… चाहे 1008.Guru का फेसबुक पेज बंद करवा दो, चाहे झूठे मुकदमे लगा दो, लेकिन गौ माता की हत्या के विरोध में और गौ माता के सम्मान में हमारी आवाज बंद नहीं कर सकते।” इस संदेश के साथ यह भी कहा गया कि करोड़ों सनातनियों का विश्वास और गौ माता का आशीर्वाद इस अभियान के साथ है।
9 लाख से अधिक फॉलोअर्स होने का दावा -
समर्थकों के अनुसार 1008.Guru का फेसबुक पेज एक बड़ा डिजिटल माध्यम था और उस पर करीब 9 लाख फॉलोअर्स जुड़े थे। स्वतंत्र रूप से इस समय उस फॉलोअर संख्या अथवा पेज बंद किए जाने के कारण की पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि, उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड से यह जरूर प्रमाणित होता है कि 1008.Guru का सोशल-मीडिया माध्यम लंबे समय से ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज से जुड़े प्रवचनों और गतिविधियों का प्रसार करता रहा है। दिसंबर 2025 की एक फैक्ट-चेक रिपोर्ट में भी 1008.Guru के फेसबुक पेज पर प्रकाशित पोस्ट का संदर्भ दर्ज है।

गौ-संरक्षण अभियान का डिजिटल विस्तार -
1008.Guru की वर्तमान वेबसाइट पर भी गौ माता से संबंधित अभियान सक्रिय दिखाई देता है। वेबसाइट पर ‘गो मतदाता अभियान’ के लिए मिस्ड-कॉल नंबर 844 853 1008 दिया गया है और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने से जुड़े अभियान की जानकारी उपलब्ध है। साथ में यह भी बता दें,की शंकराचार्य जी के गौ माता राष्ट्र माता अभियान को लगातार समर्थन मिल रहा है। धीरे धीरे लाखों लोगों तक इनका व्यू और विचार पहुंच रहा था। यदि देखा जाय और जनमत की माने तो सत्य बोलना और सत्ता के विरुद्ध बोलना इनकी पहचान है। हालांकि,शंकराचार्य जी किसी राजनीतिक दल के समर्थक नही हैं और न ही वह किसी दल का राजनीतिक विरोधी हैं। वह तो बेबाकी से धर्म नीति और वेद वेदांग तथा सनातन के मान बिंदुओं प्रतीकों के प्रति सम्मान व सुरक्षा के भाव को रखते हैं। यह बात जरूर है कि उनके बेबाक व दमदारी भरे सत्य से सत्ता दल असहज हो रहा था। इस प्रतिबंध के पीछे का कारण भी समर्थक यही मान रहे हैं।
हालांकि,इस समय शंकराचार्य महाराज छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के सलधा सपाद लक्षेश्वर धाम में चातुर्मास्य कर रहे हैं। वेबसाइट स्वयं इस अभियान को सनातन धर्म, गौ माता और वैदिक परंपराओं से जोड़ती है। अब सवाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से फेसबुक पेज के बंद होने की खबर ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा किया है—क्या किसी धार्मिक या सामाजिक अभियान की डिजिटल पहुंच को प्लेटफॉर्म कार्रवाई के जरिए अचानक समाप्त किया जाना चाहिए,और यदि कार्रवाई हुई है तो उसका स्पष्ट कारण सार्वजनिक होना चाहिए?
क्या कहते हैं सनातनी जन व उनके समर्थक-
यदि पेज सामुदायिक मानकों के उल्लंघन के कारण हटाया गया है तो प्लेटफॉर्म की प्रक्रिया और कारण स्पष्ट होना पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। वहीं यदि यह तकनीकी या प्रशासनिक कारण से हुआ है तो उसकी स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए। एक बात स्पष्ट है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी पेज की मौजूदगी समाप्त होना और किसी विचार या अभियान का समाप्त होना दो अलग बातें हैं। एक तरफ यह बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह है कि हिन्दू राष्ट्र बनाने के नारे को बुलंद करने वाले सत्तादल के समय में हिन्दू धर्म के सर्वोच्च आचार्य के पब्लिक फोरम,सोशल मीडिया के पेज को बैन करना कहां तक न्याय संगत है? यह निश्चित रूप से सनातनी आवाज को प्रतिबंधित करने का एक प्रयोग है,जो कि असहजता को दर्शाती है। यह प्रश्न मात्र शंकराचार्य के व्यक्तिगत बातों का नही है बल्कि एक विचार धारा को दबाने की कोशिश है। इस मामले को हर हाल में सूचना प्रसारण व संचार मंत्रालय व फेसबुक-मेटा को गंभीरता से लेना चाहिए। इस पेज से लाखों- करोड़ों सनातनियों की आस्था जुड़ी होना बताया जा रहा है। 1008.guru पेज गौ माता राष्ट्र माता अभियान का एक स्वस्थ माध्यम रहा है। इस प्रतिबंध से शंकराचार्य परंपरा व सनातनियों में रोष व्याप्त है। पेज बन्द कर देने से विचार व क्रांति को रुंधा नही जा सकता है। बल्कि बीते समय को देखें तो प्रतिरोध से नाराजगी की ज्वाला भड़कती देखी गई है। इस पर संज्ञान लेना लाजमी होगा।
संजयः उवाच -
“पेज बंद हो सकता है, पोस्ट हट सकती है, डिजिटल मंच बदल सकता है— लेकिन गौ माता व सनातन के सम्मान पर राष्ट्रीय संवाद किसी एक फेसबुक पेज का मोहताज नहीं हो सकता।”
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