: बीमारी है हृदय रोग की,चढ़ा रहे दांतो का जबड़ा, गंगा को लेकर 'गंगा का लाल' कार्यक्रम में बोले,जल पुरुष डॉ राजेन्द्र सिंह
आज मां गंगा जी की बीमारी हृदय रोग की है। हम उसे दांतों का जबड़ा चढ़ा रहे है।- जलपुरुष डॉ राजेंद्र सिंह
स्थान संविधान क्लब ,नई दिल्ली
विरासत स्वराज यात्रा तरुण आश्रम भीकमपुरा से दिल्ली पहुँची। यहाँ संविधान क्लब में'गंगा का लाल' सम्मान कार्यक्रम आयोजित हुआ।
[caption id="attachment_3444" align="aligncenter" width="300"]
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल पुरुष डॉ राजेन्द्र सिंह जी[/caption]
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जलपुरुष राजेन्द्र सिंह ने कहा कि,मां गंगा जी इस देश के आधी जनसंख्या का जीवन, जीविका और जमीर जरुर हैं परंतु पूरे देश और दुनिया के लिए यह आध्यात्म और आंनंद के लिए है। गंगा जी का विशिष्ट जल हिन्दु, मुस्लिम सिख, इसाई को मरते समय दो बूंद कंठ में पाने की चाह रहती है। यह दुनिया का सर्वोत्तम जल प्रबाह था इसलिए बिना बुलाए इसके किनारे पर करोडों लोग र्सिफ स्नान करने जाते हैं.
लेकिन आज मां गंगा जी की बीमारी हृदय रोग की है,हम उसे दांतों का जबड़ा चढ़ा रहे हैं. एसटीपी लगाकर बुखार उतारने वाली पैराशिटामोल खिलाकर स्वस्थ बनाने का स्वप्न देख रहे हैं। जब रोगी का निदान होता है,तभी चिकित्सा संभव है। हम बिना निदान किए गोली कैप्सूल देकर मां की बीमारी बढ़ा रहे हैं। उन्होंनेे कहा कि,गंगा जी का निदान कार्य तीन स्तरों पर हो चुका है।
[caption id="attachment_3445" align="aligncenter" width="300"]
कार्यक्रम के दौरान सम्मान पाते हुए जलपुरुष(फ़ोटो कार्यक्रम स्थल)[/caption]
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की परिषद द्वारा गंगा की अविरलता-निर्मलता की योजना तैयार की गई है। दूसरा वन्य जीव संस्थान देहरादून द्वारा बांधों के प्रवाह का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की, तीसरा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा नियुक्त उच्च समूह गंगा के पर्यावरणीय प्रवाह सुनिष्चित करने हेतु दी गई रिपोर्ट, ये तीनों अध्ययन गंगा जी के अनेक पक्षों को समग्रता से बताते हैं और गंगा जी की स्थिति का स्पष्ट वर्णन करते हैं।
[caption id="attachment_3446" align="aligncenter" width="300"]
कार्यक्रम में उपस्थित श्रोतागण[/caption]
अब तो ऐसा लगता है कि बड़े राजनेता गंगाजी का स्मरण बहुत सोच-विचारकर करते हैं, क्योंकि गंगाजी भारत की भक्ति व मुक्ति का सहारा थी, अब वो एक शक्ति भी बन गई हैं. इसलिए राजनेताओं को मां गंगाजी का नाम लेते डर लगता है। गंगा मां को राजनेताओं ने मां नहीं छोड़ा, उनके साथ मां जैसा व्यवहार भी नहीं किया, उन्हें मैला ढोने वाली दासी बनाकर बांधों में कैद करके रख दिया। आज मां गंगा को आजादी चाहिए.
इस कार्यक्रम में कई लोगो को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, संजय सिंह, लक्ष्मण सिंह, आईएएस रविन्द्र सिंह, पारस,पुनीत आदि लोग उपस्थित रहे।
इसके उपरांत यात्रा मदुरै के लिए रवाना हुई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल पुरुष डॉ राजेन्द्र सिंह जी[/caption]
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जलपुरुष राजेन्द्र सिंह ने कहा कि,मां गंगा जी इस देश के आधी जनसंख्या का जीवन, जीविका और जमीर जरुर हैं परंतु पूरे देश और दुनिया के लिए यह आध्यात्म और आंनंद के लिए है। गंगा जी का विशिष्ट जल हिन्दु, मुस्लिम सिख, इसाई को मरते समय दो बूंद कंठ में पाने की चाह रहती है। यह दुनिया का सर्वोत्तम जल प्रबाह था इसलिए बिना बुलाए इसके किनारे पर करोडों लोग र्सिफ स्नान करने जाते हैं.
लेकिन आज मां गंगा जी की बीमारी हृदय रोग की है,हम उसे दांतों का जबड़ा चढ़ा रहे हैं. एसटीपी लगाकर बुखार उतारने वाली पैराशिटामोल खिलाकर स्वस्थ बनाने का स्वप्न देख रहे हैं। जब रोगी का निदान होता है,तभी चिकित्सा संभव है। हम बिना निदान किए गोली कैप्सूल देकर मां की बीमारी बढ़ा रहे हैं। उन्होंनेे कहा कि,गंगा जी का निदान कार्य तीन स्तरों पर हो चुका है।
[caption id="attachment_3445" align="aligncenter" width="300"]
कार्यक्रम के दौरान सम्मान पाते हुए जलपुरुष(फ़ोटो कार्यक्रम स्थल)[/caption]
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की परिषद द्वारा गंगा की अविरलता-निर्मलता की योजना तैयार की गई है। दूसरा वन्य जीव संस्थान देहरादून द्वारा बांधों के प्रवाह का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की, तीसरा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा नियुक्त उच्च समूह गंगा के पर्यावरणीय प्रवाह सुनिष्चित करने हेतु दी गई रिपोर्ट, ये तीनों अध्ययन गंगा जी के अनेक पक्षों को समग्रता से बताते हैं और गंगा जी की स्थिति का स्पष्ट वर्णन करते हैं।
[caption id="attachment_3446" align="aligncenter" width="300"]
कार्यक्रम में उपस्थित श्रोतागण[/caption]
अब तो ऐसा लगता है कि बड़े राजनेता गंगाजी का स्मरण बहुत सोच-विचारकर करते हैं, क्योंकि गंगाजी भारत की भक्ति व मुक्ति का सहारा थी, अब वो एक शक्ति भी बन गई हैं. इसलिए राजनेताओं को मां गंगाजी का नाम लेते डर लगता है। गंगा मां को राजनेताओं ने मां नहीं छोड़ा, उनके साथ मां जैसा व्यवहार भी नहीं किया, उन्हें मैला ढोने वाली दासी बनाकर बांधों में कैद करके रख दिया। आज मां गंगा को आजादी चाहिए.
इस कार्यक्रम में कई लोगो को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, संजय सिंह, लक्ष्मण सिंह, आईएएस रविन्द्र सिंह, पारस,पुनीत आदि लोग उपस्थित रहे।
इसके उपरांत यात्रा मदुरै के लिए रवाना हुई।विज्ञापन
विज्ञापन