: राष्ट्रध्वज संहिता में किया गया संसोधन : दिन के अलावा अब रात में भी फहरा सकेंगे घरों पर तिरंगा.घर घर तिरंगा अभियान की शुरुवात.
Admin
Sun, Aug 14, 2022फहराओ तिरंगा पर रहे ध्यान इतना,कोई गली,घर मुहल्ला न छूट पाए ...आजादी के 75 वर्ष.
आजादी का अमृत महोत्सव : स्वतंत्रता दिवस के 75वें वर्षगांठ में घर घर तिरंगा,की हुई आज शुरुवात . ध्वज संहिता में किया गया बदलाव अब रात में भी नागरिक अपने घरों पर फहरा सकेंगे तिरंगा..
नेशनल - आजादी का अमृत महोत्सव मनाने देशवासी उत्साहित हैं। घर घर तिरंगा लहराने का जो अभियान चलाया जा रहा है।उसके उत्साह में रंगे शहर,नगर और गांव-घर तिरंगा मय हो गया है। 13 अगस्त से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान मनाने की सरकारी घोषणा से इस बार काफी तिरंगा झंडा देखने को मिल रहा है। आज से इसकी शुरुआत हो गई.कार्यालयों, गलियों,गाड़ियों,मोटरसाइकिलो व घरों में तिरंगा ही तिरंगा दिखाई पड़ रहा है। तिरंगा फहराने का राष्ट्रवादी त्योहार इस बार जवानी व जज्बात को निखारने का कार्य करेगा,जिसकी चर्चा होने लग गई है। परंतु राष्ट्रध्वज को फहराने के नियम,कायदे सम्मान व अनुशासन को आइये जानते हैं- ध्वज का अनुपात 3×2 जरूरी - भारत मे तिरंगे की साइज को लेकर छूट है। ये कितना भी बड़ा अथवा छोटा हो सकता है। लेकिन तिरंगा हमेशा आयताकार होगा,जिसका अनुपात 3×2 होगा,यह आवश्यक है। हालांकि वीवीआइपी के एयरक्राफ्ट पर 450×300 मिमी.मोटरकार पर 225×150 मिमी.और टेबल पर 150×100 मिलीमीटर साइज का तिरंगा होगा। कागज का ध्वज.. यह नियम भी खास- कागज के ध्वज का उपयोग जनता विशेष अवसरों,कार्यक्रमों या खेलकूद प्रतिस्पर्धा में कर सकती है,लेकिन ऐसे झंडे को फेंका नही जा सकता ,न ही विकृत व फाड़ा जा सकता है।इन झंडों का निपटान भी पूरे गौरव के साथ या निजी तौर पर किया जाएगा। ध्वज फहराते समय भी यह क्षतिग्रस्त या विकृत नही होना चाहिए . राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का ख्याल रहे - जब भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए तो सम्मानपूर्ण स्थिति होनी चाहिए। क्षतिग्रस्त अथवा अस्त व्यस्त झंडा प्रदर्शित नही किया जाना चाहिए। झंडे को किसी अन्य झंडे अथवा झंडों के साथ एक ही समय मे एक ही ध्वज दंड से नही फहराया जाना चाहिए। ऐसे फहराएं ध्वज :- झंडा फहराते समय ध्यान रखें कि कोई अक्षर न लिखें हों। जिस डंडे पर ध्वज फहराया जाना है,उस पर भी कुछ नही लिखा होना चाहिए।झंडे का इस्तेमाल किसी वस्तु को लेने देने पकड़ने या ले जाने के लिए नही किया जा सकता । विशेष अवसरों पर ही उसमे गुलाब की पंखुड़ियां रखी जा सकती हैं। संहिता में किया गया बदलाव : - हर घर तिरंगा अभियान के लिए केंद्र सरकार ने ध्वज संहिताओं में परिवर्तन किए हैं। अब यदि कोई नागरिक अपने घर पर ध्वज फहरा रहा है तो उसे दिन के अलावा अब रात को भी फहराए रह सकता है। इस नियम में परिवर्तन से पहले ध्वज के केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जा सकता था।
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