: मौत को मात देकर बाहर आया राहुल
Admin
Wed, Jun 15, 2022
जांजगीर-चांपा/ जाको राखे साईयां मार सके न कोय, बाल न बांका कर सके जो जग बैरी होय इन पंक्तियों को अक्षरसः सच होते देखा जा सकता है जिले के पिरहिद गाँव के ऑपरेशन राहुल में।
जी हाँ! 11 वर्षीय राहुल साहू अब बिल्कुल स्वस्थ है और बोरबेल के 60 फिट गहराई से ऊपर सुरक्षित निकल आया है। यह तब संभव हुआ जब लोगों ने प्रार्थनाएं,दुआएं कीं, मंदिरों में महामृत्युंजय के जप पूजन चल रहे थे।कोरबा पुलिस भी भगवान के शरण मे राहुल की सलामती के लिये मन्त्र जाप करा रही थी। विधाता ने राहुल को मजबूत बना कर कुछ अलग करने के लिए फिर से धरती पर भेज दिया है। राहुल का सुरक्षित निकलना आम लोगों के लिए यह अब महज एक घटना हो सकती है लेकिन 105 घण्टे तक दहशत के साये में जी रहा राहुल और हर पल नए चैलेंज को लेकर काम रही जिला प्रशासन सहित ऑपरेशनल टीम के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी व जश्न है । निश्चितरूप से राहुल के घर वालों के लिए माता पिता के लिए एक नए जन्म की नई खुशी है राहुल का जिंदा सकुशल निकल पाना। बोरबेल में सांप व मेढ़क का मिलना और राहुल को नुकसान न पहचाना उपरोक्त लाइनों का ही सबब है,चमत्कार है!
नमन है राहुल के अदम्य साहस को एवं ऑपरेशनल टीम की सूझबूझ व जुनून को - यदि मन की गहराइयों से इस घटना को देखा जाय तो यह घटना हृदयविदारक के साथ ही रोंगटे खड़े कर देने वाली थी वो भी 105 घण्टे तक । अब तो खुशी वाले क्षण हैं।क्योंकि राहुल मौत को हराकर अब अपने घर पर सुरक्षित आ गया है। 11 वर्षीय बालक में इतना अदम्य साहस,धैर्य,और भाग्य के रक्तसंचार का गतिशीलता इस बात का प्रतीक है कि ईश्वर सर्वत्र है। अन्यथा एक छोटे संकरे बोरबेल में जहां कोई मूवमेंट न हो सके ,कोई हरकत न कर सके ,वहां कैसे कोई इतने लंबे समय तक जिंदा रह सकता है। इसलिए राहुल निश्चित ही छत्तीसगढ़ महतारी का एक नायाब चेहरा है जो प्रेरणाश्रोत बनकर अपनी आंखों देखी घटना व भावना व्यक्त कर समाज को संयमित रहने की कहानी बता सकता है।
नमन है रेस्क्यू टीम को जिन्होंने लगातार दिमाग का सही इस्तेमाल करते हुए पत्थरों,चट्टानों के सीने को छेद कर राहुल को सकुशल बचा लाई। जिला प्रशासन टीम की निगरानी,सूझबूझ व चैतन्यता का मानवीय चेहरा दिखाता है राहुल साहू का सकुशल बोरबेल से बाहर निकल पाना ।
संवेदनशील मुख्यमंत्री का मिला खुला साथ जंग जीत गए- ऑपरेशन राहुल में लगे एक जिम्मेदार अधिकारी से जब खबर times ने बात की तो उनका कहना था कि इन सबके पीछे एक सुदृढ मनोबल काम कर रहा था वो था मुख्यमंत्री जी का खुला फरमान और जिंदादिली। हम यहां यह हूबहू बात इसलिए बता रहे हैं ताकि सच को सच ही रहने दिया जाय। आज इस घटना से मुख्यमंत्री का चेहरा एक मानवीय संवेदना को अमलीजामा पहना रहा है। लोग कुछ बेहतर कर जाते हैं तो उसकी गूंज दूर तक होती है। घटना बड़ी हो या छोटी उस घटना को किस तरीके से हैंडिल कर अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाई जाती है यह समाज देखता है और यही मायने रखता है। खैर! अब ऑपरेशन राहुल पूर्ण हो चुका है।सफलता भी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने राहुल के सुखद जीवन की कामना की है और टीमों को बधाई दी है।
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