: 72 वर्षीय कांग्रेसी राजनीतिक सलाहकार पी पी माधवन पर दुष्कर्म का केस हुआ पंजीबद्ध
Tue, Jun 28, 2022
नईदिल्ली
- कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निजी सचिव पीपी माधवन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल पीपी माधवन पर एक दलित महिला ने छेड़छाड़ और रेप का आरोप लगाया है। दिल्ली स्थित उत्तम नगर थाने में उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। महिला का आरोप है कि, नौकरी का झांसा देकर उसके साथ माधवन ने छेड़छाड़ और दुष्कर्म किया है।
मामले में पीपी माधवन पर बलात्कार की धारा 376 और जान से मारने की धमकी धारा 506 के तहत केस दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस ने माधवन को गिरफ्तार नहीं किया है वहीं माधवन ने अपने ऊपर लगे आरोपों के गलत बताया है।शिकायत के मुताबिक, माधवन पर शादी और नौकरी का झांसा देकर एक दलित महिला से रेप करने का आरोप लगाया गया है. सूत्रों ने कहा कि महिला के पति जिनकी साल 2020 में मौत होगई, दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय में मजदूर के रूप में काम करते थे.
महिला ने लगाए ये आरोप
महिला कहा है कि 'मैंने उनसे कहा कि मुझे नौकरी की ज़रूरत है और उन्होंने मेरी सहायता का वादा किया।
21 जनवरी, 2022 को उन्होंने मुझे इंटरव्यू के लिए बुलाया। मेरे सभी कागजात देखने के बाद माधवन ने मुझसे कई सवाल पूछे और फिर कहा कि वह मुझसे शादी करना चाहते हैं।इस पर मैंने हां कह दिया, इसके बाद उन्होंने मुझे फिर मिलने के लिए बुलाया। वो मुझे एक कार में लेने आए और इसके बाद चालक को वहां से जाने को कह दिया। उन्होंने मेरा यौन शोषण किया और मेरे साथ दुष्कर्म की भी कोशिश की। जब 'मैंने इस पर आपत्ति जताई तो वह नाराज हो गए और मुझे सड़क पर अकेला छोड़ दिया।'
मेरे पास बेगुनाही के सबूत: माधवन
अपने ऊपर लगे आरोपों को पीपी माधवन ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि, 25 जून को उत्तम नगर थाने के SHO के सामने पेश हुए थे और अपना स्पष्टीकरण दे दिया था।इसके बाद उन्हें जाने के लिए कहा। माधवन इस पूरे मामले को राजनीति प्रेरित बताया और कहा कि मेरे पास यह प्रदर्शित और स्थापित करने के लिए सबूत हैं कि शिकायत राजनीतिक प्रतिशोध के चलते की गई है।
: ईडी निदेशक के कार्यकाल को बढ़ाये जाने के खिलाफ कांग्रेस पहुंची सुप्रीम कोर्ट
Thu, Jun 16, 2022
नई दिल्ली
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी से ईडी की पूंछतांछ के बीच ईडी निदेशक संजय मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाये जने के खिलाफ कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका कर्ता मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की महासचिव हैं। कांग्रेस महासचिव जया ठाकुर ने दायर याचिका में कहा है कि निदेशक संजय मिश्रा को और सेवा विस्तार न देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया गया है। याचिकाकर्ता ने दायर याचिका में आरोप लगाते हुए कहा है कि केंद्र सरकार अपनी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और पदाधिकारियों के खिलाफ कर रही है।
राजनैतिक द्वेष की भावना से विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए जांच के नाम पर कांग्रेस नेताओं को परेशान किया जा रहा है। जो कि लोकतंत्र के लिए ठीक नही है।
दरअसल,जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली बेंच ने 8 सितंबर 2021 को ईडी निदेशक संजय मिश्रा को मिले नवम्बर 2021 तक के सेवा विस्तार को चुनौती देने वाली याचिका ख़रीच कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेवा विस्तार का अधिकार सरकार को है लेकिन यह बहुत जरूरी मामलों में ही होना चाहिये। कोर्ट ने कहा था कि सेवा विस्तार सीमित समय के लिए होना चाहिए,इसलिए ईडी निदेशक को नवम्बर 2021 के बाद आगे सेवा विस्तार न दिया जाय.
उसके बाद केंद्र सरकार ने नवंबर 2021 में एक अध्यादेश के जरिये ईडी और सीबीआई के निदेशक का कार्यकाल पांच साल तक रहने की व्यवस्था बनाई है।इसी के तहत ईडी निदेशक संजय मिश्रा का कार्यकाल 18 नवंबर 2022 तक बढ़ा दिया गया था।