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: गोकुल धाम की तरह ही शहर से बाहर हो भट्टी पारा ; भरे बाजार दारू भट्टी के विरोध में निकाली जन मशाल रैली

  • भिलाई - ट्विनसिटी के नाम से जाना जाने वाला भिलाई राज्य का एक बड़ा व चर्चित शहर है। राज्य ही नही बल्कि देश मे इसकी एक विशिष्ट पहचान है।यहाँ स्टील बनता है जो देश व दुनिया मे उत्कृष्ठता की पहचान रखता है।शिक्षा के क्षेत्र में इंजीनियरिंग, चार्टर्ड एकांटेंट व स्पोर्ट के धुरन्धर देश भर में लगभग यहीं से निकलते हैं। यहां की प्रतिभा सिर्फ देश मे ही नही बल्कि विदेशों में भी झंडा गाड़ने में सफल रही हैं। भिलाई शहर शिक्षाधानी के संस्कार से भी पहचाना जाता है। लेकिन अफसोस! अब यह हो रहा है कि यहां की फिजा में कुछ दूषित कंटेंट घुलने लग गए हैं।वातावरण में कुछ प्रदूषण दिखने लगे गया है ओर वह प्रदूषण है पाश्चात्य कुसंस्कृति का जो यहां की मौलिकता को विध्वंस करने में कोई कोर कसर नही छोड़ रही हैं। सड़कों पर खुलेआम नशों का असर देखने को मिलने लग गया है। कुछ हद तक राजनैतिक दोष भी यहां की पवित्रता को अपवित्र कर समाज मे अमर्यादित होने का जाम पिलाने लग गया है। जिसका शिकार यहीं की युवा पीढ़ी हो रही है। 
सुपेला भिलाई का एक व्यस्ततम बाजार है,जहां शहर के अलावा दूरस्थ ग्रामीण भी खरीदी करने आते हैं,क्योंकि यहां पर किफायती सन्डे मार्केट लगता है। लेकिन इस किफायती बाजार को एक दोष व ग्रहण ने अपने कब्जे में जकड़ लिया है,और वह दोष है सड़क के दोनों तरफ देशी व विदेशी मदिरा की दुकानें! जी हां ! इन्ही मधुशालाओं ने सड़कों पर अनियंत्रित व अमर्यादित भीड़ पैदा कर बाजार में आने जाने वाले महिलाओं व पुरुषों को हानि पहुचाती हैं। जिससे लोगों को नित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि बाजार की भीड़ के साथ जब भट्टी की भीड़ मिलती है तब कुछ न कुछ अंनहोनी हो ही जाती है। लोगों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन व संबंधित जिम्मेदारों तक कि गई लेकिन कोई हल नही निकल सका। जब कोई विकल्प नही बचता ,तब जन आंदोलनों की सहायता ली जाती है। यही होना शुरू हुआ, कुछ सामाजिक चिंतक एकजुट होकर "शराब भट्टी हटाने"अभियान छेड़ दिए हैं। शहर की एक संस्था युवा शक्ति संगठन ने इस हेतु जन हस्ताक्षर अभियान के साथ ही शनिवार को मशाल जन रैली का भी आगाज किया ,जो गदा चौक से लेकर घड़ी चौक तक जलती रही। [video width="848" height="480" mp4="https://khabartimes.co.in/wp-content/uploads/2022/06/VID-20220619-WA0095-1.mp4"][/video] गोकुल नगर की तरह भट्टी पारा का भी हो निर्माण -  जन मशाल रैली निकालकर संगठन के लोगों ने यह मांग रखी कि भरे बाजार से इन दारू भट्टियों को हटाकर उसी तरह से अन्यत्र शिफ्ट किया जाय ,जिस तरह से शहर से गौठानों को हटाकर गोकुल नगर में शिफ्ट किया गया। जब दूध जैसे स्वास्थ्यवर्धक व जीवन उपयोगी पावन पेय पदार्थ के लिए शहर से बाहर जाना पड़ता है या वहां से लाने के लिए ट्रांसपोर्टिंग चार्ज के कारण मंहगा दूध खरीदना पड़ता है। उसी तरह से दारू दुकानों को भी एक जगह शहर से दूर भट्टी पारा बनाकर शिफ्ट क्यों नही किया जा सकता। इससे सरकार की दारू दुकान भी चलेगी और इससे बाजार में आने जाने वाले लोगों को समस्या से निजात भी मिल जाएगी। यह सुझाव प्रशासन को दिया जाना लाजमी ठहरेगा। सैकड़ों शहरवासी हुए शामिल - युवा शक्ति संगठन के बैनर तले आयोजित इस मशाल रैली में सैकड़ों शहरवासियों ने दारू दुकान के विरोध में अपने हाथों में मशाल लेकर सड़कों पर चलते नजर आए।  शराब दुकान हटाने के नारों के साथ महिलाओं व पुरुषों ने एकजुट होकर नारेबाजी की । और उपस्थित प्रशासन प्रतिनिधि को अपना मांगपत्र देकर ज्ञापन  सौंपा है।  हालांकि इस तरह का अनूठा प्रदर्शन शहर में चर्चा का विषय है तथा सार्थक परिणाम निकलने की आस भी है। इस मशाल रैली का नेतृत्व कर रहे संस्था के अध्यक्ष मदन सेन ,शारदा गुप्ता,मालती साहू,निशु पांडेय ने शासन प्रशासन से जनहित में इस शराब भट्टी को यहां से स्थानान्तरित करने की अपील की है। ताकि ट्विनसिटी की जनता को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाया जा सके।

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